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हाथ उठाकर न्याय माँगता सारा हिन्दुस्तान !!

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सत्ता की बलिवेदी पर “दामिनी” बलिदान हुई है !
बच न सकी वह, अन्यायी की फिर से जीत हुई है !
अरे पापियों, लेकर ही माने बेटी की जान !
हाथ उठाकर न्याय माँगता सारा हिन्दुस्तान !!

.

उबल रहा है लहू, देश की खतरे में है आन !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
भारत की बेटी क्षत-विक्षत घायल हुई पड़ी है !
सवा अरब जनता बेटी के पीछे आज खड़ी है !
तुम कानो में तेल डाल सोये हो चादर तान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
नर-नारायण क्रोधित होकर करवट बदल रहा है !
करने को विद्रोह, शान्त सागर अब मचल रहा है !
नर – नारी, आबाल – वृद्ध की ताकत को पहचान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
सुनो गर्जना, जनता उद्वेलित हो गरज रही है !
ज्वालामुखी सुप्त जैसे, अब तक तो सहज रही है !
नयन भैरवी खोल रही है, उसको लो पहचान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
तुम संगीनों के साये में, सदा सुरक्षित रहते !
खुले गगन के नीचे हम सब सदा अरक्षित रहते !
करो सुनिश्चित, रहे सुरक्षित, सब लोगों की जान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
राजनीति के अभिनेताओं, कान खोलकर सुन लो !
कालकोठरी या सिंहासन, किसी एक को चुन लो !
चूक न जाए धैर्य, प्रजा बन जाये ना हैवान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
धर्म-जाति से ऊपर उठकर सोचो, करो, दिखाओ !
सिंहासन पर बैठ प्रजा की खिल्ली नहीं उडाओ !
ट्विटर, फेसबुक, कैन्दिलों की ताकत लो पहचान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
कुछ तो शर्म करो बेशर्मों, कुछ तो करो उपाय !
उतर गईं बेटियाँ सड़क पर, मांग रही हैं न्याय !
बात नहीं सुनते, दौड़ाते सैनिक, डंडे तान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
नब्ज देश की नहीं समझते, नेता कहलाते हो !
अरे राक्षसों, प्रजा – जनों पर डंडे चलवाते हो !!
माँग रही इन्साफ सड़क पर, भारत की संतान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
बन्दर घुड़की मत दो, इससे हम सब नहीं डरेंगे !
निकले हैं जब न्याय मांगने, लेकर ही मानेंगे !
हम हैं युवा देश के रक्षक, आन-बान और शान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
संसद नहीं सड़क है ये, जनता से टकराओगे ??
चूर-चूर हो जाओगे, मिटटी में मिल जाओगे !
सदियों बाद खड़े हैं हमसब, फिर से सीना तान !
चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!
.
.

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20 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
January 14, 2013

तुम संगीनों के साये में, सदा सुरक्षित रहते ! खुले गगन के नीचे हम सब सदा अरक्षित रहते ! करो सुनिश्चित, रहे सुरक्षित, सब लोगों की जान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! जनता जागी है उसने दिखा दिया दामिनी के पीछे सारा भारत आ गया शासक डाले बैठे अपने कानो में तेल जागो कही अबकी छूट न जाए रेल बधाई

yogi sarswat के द्वारा
January 3, 2013

सुनो गर्जना, जनता उद्वेलित हो गरज रही है ! ज्वालामुखी सुप्त जैसे, अब तक तो सहज रही है ! नयन भैरवी खोल रही है, उसको लो पहचान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! . तुम संगीनों के साये में, सदा सुरक्षित रहते ! खुले गगन के नीचे हम सब सदा अरक्षित रहते ! करो सुनिश्चित, रहे सुरक्षित, सब लोगों की जान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! इस गुजरते हुए साल ने मृत प्राय कौम ने सिंहासन हिल ही दिए हैं आदरणीय श्री शशि भूषण जी ! अन्यथा कौन मठाधीश रात को ३ बजे एक आम पिता के बेटी की मृत देह को लेने एयर पोर्ट जाता ? वो चली गयी लेकिन इस देश को जगाकर गयी ! ये सौभाग्य कहाँ किसी को मिलता है ! सच कहूँ तो उसका जीवन सार्थक हुआ ! एक आग लगी है हर एक दिल में , वो अभी भी चिंगारी बन के फूटी है ! वक्त आएगा जब यही चिंगारी ज्वाला बनकर फूटेगी और भस्म कर देगी “उन ” हराम खोरों को जो अब तक इस मुल्क की जनता को ठगते आये हैं ! आपके शब्दों की तारीफ करना बेमानी होगा क्यूंकि मैं हमेशा ही आपके शब्दों का कायल रहा हूँ !

D33P के द्वारा
January 1, 2013

सादर नमस्कार …..आज भारत की बेटी का खून बहा लेकिन सत्ता की नकेल जिसके हाथ में है उसमे विदेशी खून है ,जो भारत की बेटी के खून पर नहीं रोयेगा . कल टीवी पर उनको आंसू बहाते देखा गया .उनके आंसू भी वोटो की राजनीती खेलते है !कितना शर्मनाक है सब !इतने बड़े हादसे के बाद भी अभी तक कुछ नहीं हुआ पुराने वर्ष के किस्से की तरह सब इसे भूलकर नया साल मनाएंगे अगले चुनावो की रणनीति बनायेंगे !अपराधियों के लिए फांसी की मांग की जा रही है ..पर कानूनी प्रक्रिया बेहद पेचीदा है …..एक लम्बे समय की प्रक्रिया के दौरान क्या होता है ये देखने की बात है क्या दामिनी के अपराधियों को सजा मिलती है या ..न्याय के लिए उठे हाथ फिर से काट दिए जायेंगे ! सबसे बड़ी बात इतनी बड़ी घटना के बाद, जिसके लिए पूरा देश हिल गया पूरे देश की जनता रोई …….क्या उन हादसों में कमी आई? सब कुछ तो वैसा ही है अपराधी को पुलिस का डर नहीं ,.पुलिस को जनता की चिंता नहीं …..सारी पुलिस व्यवस्था जनता की नहीं,नेताओ की हिफाज़त में लगी है जनता के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन ……. हिंदुस्तान की जनता जागी है पर नेता सोये हुए है अभी तक ..

krishnashri के द्वारा
December 31, 2012

आदरणीय शशिभूषण जी , सादर , सही अभिव्यक्ति, परन्तु ये नेता जनता का अधिकार दें तब न . सफल प्रस्तुति हेतु बधाई .

Rajesh Dubey के द्वारा
December 31, 2012

पापियों ने बेटी की जान ले ही ली. जनता आक्रोशित आंदोलित देखती रह गई. अब देखना है की न्याय अपना कार्य कितना तेजी से करता है. आक्रोश को बनाये रखना है. भारतीय जान-मानस का गुस्सा जल्दी ठंढा हो जाता है.

ajaykr के द्वारा
December 30, 2012

aadrniyaसर जी ,सादर प्रणाम , क्रांति तो हों के ही रहेंगी ….

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
December 29, 2012

श्रद्धेय बड़े भाई शशिभूषण जी, सादर अभिवादन ! सही वक्त पर सटीक प्रस्तुति ! सुलगती हुई उत्तम छंदोबद्ध रचना के लिए हार्दिक आभार !

ashishgonda के द्वारा
December 29, 2012

आदरणीय सादर चरणस्पर्श! बहुत ही ढंग से आपने अपनी बात रखी है… बन्दर घुड़की मत दो, इससे हम सब नहीं डरेंगे ! निकले हैं जब न्याय मांगने, लेकर ही मानेंगे ! हम हैं युवा देश के रक्षक, आन-बान और शान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! मैं भी दिल्ली की जनता के जज्बे को नमन करता हूँ और उन पर लाठियां बरसाने वाले की कड़ी निंदा करता हूँ… http://ashishgonda.jagranjunction.com/2012/12/28/%e0%a4%a4%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a5%80/

sudhajaiswal के द्वारा
December 29, 2012

नर-नारायण क्रोधित होकर करवट बदल रहा है ! करने को विद्रोह, शान्त सागर अब मचल रहा है ! नर – नारी, आबाल – वृद्ध की ताकत को पहचान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! आदरणीय शशि जी, सादर अभिवादन, सारे नियम कानून तो सरकार की जागीर है उनके लिए कानून के रखवाले रातो-रात जाग जाते हैं जनता की बात आती है तब इनकी नींद ही नहीं खुलती | जागृति लाने वाली रचना के लिए आभार |

akraktale के द्वारा
December 26, 2012

तुम संगीनों के साये में, सदा सुरक्षित रहते ! खुले गगन के नीचे हम सब सदा अरक्षित रहते ! करो सुनिश्चित, रहे सुरक्षित, सब लोगों की जान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान ! आदरणीय शशि जी सादर नमस्कार, बहुत दिनों पश्चात मंच पर आपकी सशक्त प्रस्तुति पढने को मिली है.सच है जहां मंत्री जी के बेटे को ट्वीट कर देने से पुलिस पकडकर ले जाती है वहीं आम आदमी कि गंभीर से गम्भीर शिकायत भी पुलिस नहीं सुनती. लोकतंत्र में यह स्थिति वाकई हैरान कर देने वाली है. सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें.

minujha के द्वारा
December 26, 2012

सदा की तरह जोशीली और संदेश देती रचना,आभार

bhanuprakashsharma के द्वारा
December 25, 2012

संसद नहीं सड़क है ये, जनता से टकराओगे ?? चूर-चूर हो जाओगे, मिटटी में मिल जाओगे ! सदियों बाद खड़े हैं हमसब, फिर से सीना तान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! शानदार रचना। यदि ये जनता के नायक नहीं चेतेंगे तो आने वाले दिन उन्हें भी भारी पड़ सकते हैं। 

Rajesh Dubey के द्वारा
December 25, 2012

हमेशा की तरह शानदार और जानदार कविता. लेकिन शिकायत है कि इतना दिनों बाद क्यों?

jlsingh के द्वारा
December 23, 2012

परम आदरणीय कविश्रेष्ठ श्री शशि भूषण महोदय, सादर अभिवादन! मसि नहीं है यह केवल, है उष्ण रुधिर यह भान! सदियों बाद खड़े हैं हमसब, फिर से सीना तान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! महोदय आपका आह्वान समय की मांग है, पर दिल्ली की सरकार और दिल्ली पुलिस की धृष्टता देखिये इन्साफ मांगने पर लाठियों की बौछार कर रही है वह भी निहत्थी माँ बहनों पर … ऐसी जालिम तो ब्रिटिश की पुलिस भी नहीं थी! कोई राजनेतिक नेता सामने नहीं आ रहा है! ए भी तो बाबा रामदेव और केजरीवाल!… अब तो जनता को फैसला करना ही होगा किसे चुने ? किसे गद्दी से उतारे और किसे गद्दी पर बैठाये!

ajaykr के द्वारा
December 23, 2012

सादर प्रणाम ,सर जी    “बुलंदी का नशा सिम्तों का जादू तोड़ देती है , हवा उड़ते हुए पंछी के बाजू तोड़ देती है , सियासी भेड़ियों थोड़ी बहुत गैरत जरुरी है , तवायफ तक किसी मौके पे घुंघरू तोड़ देती है….!” जनता जग गयी ,तो क्रांति होंगी

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
December 23, 2012

संसद नहीं सड़क है ये, जनता से टकराओगे ?? चूर-चूर हो जाओगे, मिटटी में मिल जाओगे ! सदियों बाद खड़े हैं हमसब, फिर से सीना तान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !! आदरणीय शशि भूषन जी, सादर beti bachao shanti purn pradarshan maen dilli prashashan aur unke nirdesh par pradarshan kariyon par bal pryog aapko kis bharat kii yaad dilata hae.. kya apna bharat aesa tha…. kya apna bharat aesa hi hona chahiye… yadi nahi.. to uthaiye kalam…. kahin piche na rah jayen ham आपकी पीड़ा में मैं भी शामिल हूँ.

bharodiya के द्वारा
December 23, 2012

नमस्कार डो साहब बेशर्मों ने आदमी को धर्म से दूर कर दिया । कानून पर कितना आधार ? अकेला कानून क्या कर सकता है ? उपर से नग्नता को पंप किया जा रहा है । सरकार के मंत्री खूद पोर्नस्टार बन गये हैं । आसार गंभीर है ।

nishamittal के द्वारा
December 23, 2012

आदरनीय शशि भूषण जी,आपका जोशीला आह्वान .एक एक पंक्ति बहुत भावपूर्ण है.बधाई आपको.

Santlal Karun के द्वारा
December 22, 2012

आदरणीय शशिभूषण जी, आप कहाँ गायब थे ? बड़ी प्रतीक्षा रही …, नारी के अपमान की वेदना पर अत्यंत प्रभावी, मार्मिक हुंकार गीत; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ ! “भारत की बेटी क्षत-विक्षत घायल हुई पड़ी है ! सवा अरब जनता बेटी के पीछे आज खड़ी है ! तुम कानो में तेल डाल सोये हो चादर तान ! चेतो ऐ जनता के नायक, जागा हिन्दुस्तान !!”


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